भारत–यूरोपीय संघ (EU) संबंधों में नई छलांग: परमाणु ऊर्जा, अनुसंधान और कार्बन सहयोग का रणनीतिक युग
India-EU Historic Agreement पर आधारित यह विस्तृत लेख भारत और यूरोपीय संघ के बीच परमाणु ऊर्जा सहयोग, ITER फ्यूजन परियोजना, Horizon Europe रिसर्च पार्टनरशिप, रेडियो-फार्मास्यूटिकल्स, और CBAM कार्बन नीति पर पूरी जानकारी सरल हिन्दी में समझाता है।
27 जनवरी 2026 को भारत और यूरोपीय संघ (EU) शिखर सम्मेलन के बाद जारी India–EU Comprehensive Strategic Agenda ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब दोनों के संबंध केवल व्यापार या कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विज्ञान, स्वच्छ ऊर्जा, उच्च तकनीक और जलवायु नीति इनके केंद्र में आ चुके हैं।
यह साझेदारी 21वीं सदी की चुनौतियों — ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक आपूर्ति शृंखला — से निपटने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
1. भारत–Euratom समझौता: परमाणु विज्ञान में सहयोग का विस्तार
भारत और EU ने India–Euratom Agreement (2020) के तहत सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई।
Euratom क्या है?
Euratom (European Atomic Energy Community) यूरोपीय देशों का संगठन है, जो परमाणु अनुसंधान, सुरक्षा और शांतिपूर्ण परमाणु उपयोग को बढ़ावा देता है।
सहयोग के मुख्य क्षेत्र
| क्षेत्र | महत्व |
|---|---|
| Advanced Materials for Detectors | परमाणु माप एवं अनुसंधान उपकरणों की गुणवत्ता बढ़ेगी |
| Radiation Safety | विकिरण से सुरक्षा मानकों में सुधार |
| Nuclear Security | परमाणु सामग्री की सुरक्षा, आतंकवाद रोकथाम |
| Non-Power Applications | चिकित्सा, कृषि, उद्योग में परमाणु तकनीक |
| Radio-pharmaceuticals | कैंसर उपचार, PET स्कैन, डायग्नोस्टिक्स |
👉 यह दिखाता है कि भारत की परमाणु नीति “शांतिपूर्ण उपयोग” पर आधारित है।
2. ITER और फ्यूजन ऊर्जा: भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा
भारत और EU ने ITER (International Thermonuclear Experimental Reactor) में सहयोग मजबूत करने पर सहमति दी।
ITER क्या है?
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दुनिया का सबसे बड़ा न्यूक्लियर फ्यूजन प्रोजेक्ट
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स्थान: फ्रांस
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उद्देश्य: सूर्य की तरह ऊर्जा उत्पन्न करने वाली फ्यूजन तकनीक को संभव बनाना
फ्यूजन क्यों महत्वपूर्ण?
| पारंपरिक ऊर्जा | फ्यूजन ऊर्जा |
|---|---|
| प्रदूषण | लगभग शून्य कार्बन उत्सर्जन |
| सीमित ईंधन | लगभग असीम ईंधन (हाइड्रोजन) |
| रेडियोधर्मी कचरा | बहुत कम |
👉 यह भारत की Net Zero 2070 प्रतिबद्धता और EU की Green Deal नीति से जुड़ा है।
Horizon Europe EU का सबसे बड़ा रिसर्च फंडिंग प्रोग्राम है।
भारत–EU सहयोग के क्षेत्र
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स्वच्छ ऊर्जा
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जल प्रबंधन
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कृषि-खाद्य प्रणाली
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स्वास्थ्य एवं जैव-प्रौद्योगिकी
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सेमीकंडक्टर
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उन्नत सामग्री (Advanced Materials)
👉 इससे भारतीय विश्वविद्यालय, स्टार्टअप और वैज्ञानिकों को अंतरराष्ट्रीय फंडिंग व तकनीक मिलेगी।
4. रेडियो-फार्मास्यूटिकल्स: स्वास्थ्य क्षेत्र में नई क्रांति
परमाणु तकनीक अब केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है।
Radio-pharmaceuticals का उपयोग:
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कैंसर ट्यूमर की पहचान
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PET स्कैन
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लक्षित विकिरण चिकित्सा
भारत में कैंसर मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह सहयोग स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
5. CBAM (Carbon Border Adjustment Mechanism) और भारत
EU का CBAM उन आयातित उत्पादों पर कार्बन टैक्स लगाता है जिनका उत्पादन कार्बन-गहन है (जैसे इस्पात, सीमेंट, एल्यूमिनियम)।
भारत की चिंता
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निर्यात पर अतिरिक्त लागत
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MSME और स्टील सेक्टर पर असर
समझौते में क्या मिला?
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Most Favoured Nation आश्वासन
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तकनीकी सहयोग
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कार्बन मापन प्रणाली की मान्यता
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वित्तीय और तकनीकी सहायता
👉 यह भारत के लिए “ग्रीन ट्रांजिशन” में मददगार हो सकता है।
6. रणनीतिक महत्व (Strategic Significance)
| क्षेत्र | महत्व |
|---|---|
| ऊर्जा सुरक्षा | रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद वैकल्पिक स्रोत |
| चीन का संतुलन | EU–India टेक गठबंधन |
| जलवायु नेतृत्व | पेरिस समझौते की प्रतिबद्धता |
| तकनीकी आत्मनिर्भरता | सेमीकंडक्टर, AI, बायोटेक |
| स्वास्थ्य कूटनीति | मेडिकल तकनीक सहयोग |
7. UPSC Mains के लिए विश्लेषण
GS-2 (IR)
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भारत-EU संबंधों का विज्ञान आधारित नया चरण
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बहुपक्षीय सहयोग (ITER)
GS-3 (Science & Environment)
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फ्यूजन ऊर्जा
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परमाणु तकनीक का शांतिपूर्ण उपयोग
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कार्बन बाजार
Essay / Ethics
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“Science Diplomacy as a Tool of Peace”
8. चुनौतियाँ
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EU के कठोर पर्यावरण मानक
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CBAM से व्यापार विवाद
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तकनीक हस्तांतरण सीमाएँ
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डेटा और बौद्धिक संपदा अधिकार
9. आगे का रास्ता (Way Forward)
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संयुक्त रिसर्च सेंटर स्थापित करना
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भारतीय वैज्ञानिकों की EU प्रयोगशालाओं में भागीदारी
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ग्रीन टेक्नोलॉजी फंड
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CBAM अनुपालन हेतु भारतीय उद्योगों का आधुनिकीकरण
निष्कर्ष
भारत–EU सहयोग अब “Trade Partnership” से आगे बढ़कर “Science-Led Strategic Partnership” बन चुका है। परमाणु ऊर्जा, फ्यूजन रिसर्च, स्वास्थ्य तकनीक और कार्बन सहयोग मिलकर इसे 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदारियों में बदल सकते हैं।
EXAM QUICK FACTS
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Euratom – यूरोपीय परमाणु समुदाय
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ITER – फ्यूजन ऊर्जा परियोजना (फ्रांस)
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Horizon Europe – EU रिसर्च फंड
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CBAM – कार्बन टैक्स प्रणाली
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Radio-pharmaceuticals – परमाणु आधारित दवाएँ